September 25, 2020

जन्माष्टमी

जन्माष्टमी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी भी कहा जाता है।

  • जन्माष्टमी का पर्व भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है।
  • श्री कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार थे।
  • कंस नामक एक अत्याचारी का वध करने के लिए भगवान विष्णु, श्री कृष्ण का अवतार धारण करके पृथ्वी पर आये थे।
  • भगवान श्री कृष्ण के जन्म दिवस को ही जन्माष्टमी कहा जाता है।
  • यह त्यौहार हिंदुस्तान के साथ साथ पुरे विश्व में मनाया जाता है।
  • जन्माष्टमी के दिन मंदिरों की बहुत ही अच्छी सजावट की जाती है।
  • मदिरों में सुन्दर झांकियां भी सजाई जाती है।
  • कई मंदिरों में तथा अन्य जगहों पर रासलीला का आयोजन भी होता है।

जन्माष्टमी
  • श्री कृष्ण का जन्म मध्य रात्रि को हुआ था इसीलिए इस दिन पुरुष व स्त्रियाँ सभी लोग रात्रि 12 बजे तक व्रत रखते हैं।
  • रात्रि 12 बजे भक्तगण कृष्ण भगवान की पूजा – अर्चना करते हैं फिर चाँद को जल अर्पण करके अपना व्रत खोलते हैं।
  • इस दिन लोग अपने घरों में पंजीरी व खोये के लड्डू जैसी चीजें बनाते हैं।
  • इस दिन भगवान कृष्ण का मुख्य प्रशाद “चरणामृत”, “मखाने की खीर” व “पंजीरी” होता है।

तारीख :-

सन 2020 में जन्माष्टमी 12 अगस्त 2020 को है।

हमारे अन्य ब्लॉग पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

अन्य त्योहारों के बारे में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *