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भगवान शिव

Hindu Cultures, Religion, Festivals

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भगवान शिव से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल व जवाब, भगवान शिव की आरती, चालीसा के लिए यहाँ क्लिक करें।

प्रश्न:- अपने ही पुत्र का गला काटने वाले शिव भगवान कैसे हुए, और अगर उन्हें यह पता ही नहीं था की गणेश उनके पुत्र हैं, तो वे कैसे भगवान ?

उत्तर:- इस तरह के प्रश्न वह लोग करते हैं जो हिन्दू धर्म के विपरीत होते हैं। परन्तु उन्हें यह नहीं पता की यह सब भगवान की लीला ही है। वे सब जानते हैं परन्तु अपने ही बनाये घटना- क्रम को वे नहीं बदल सकते हैं और ऐसा करना अनिवार्य था क्यूंकि अगर वे ऐसा नहीं करते तो भगवान गणेश प्रथम पूज्य तो बनते ही नहीं, साथ ही उनकी गिनती देवताओं में भी नहीं हो पाती।

भगवान शिव

प्रश्न:- शिव जी के तीसरे नेत्र का कारण ?


उत्तर:- शिव जी का तीसरा नेत्र सामाजिक व सांसारिक वस्तुओं व संसाधनों से हटकर संसार को देखने की सीख देता है। असल में यह एक ऐसी दृष्टि का बोध कराता है जो पाँचों इंद्रियों से परे है। इसलिये शिव जी को त्र्यम्बक कहा गया है। इस नेत्र को ज्ञान व सर्व – भूत का प्रतीक कहा जाता है इसीलिए माना जाता है, की उनकी तीसरी नेत्र खुलने से प्रलय का आगमन होता है।

प्रश्न:- सोमवार के व्रत की पूजा कैसे करें ?


उत्तर:- सोमवार के व्रत में शिवलिंग पर सफ़ेद रंग के फूल, चावल, चन्दन, पान, सुपारी, गंगाजल व बेलपत्र चढ़ाएं। जल में गुड़ डालकर शिवलिंग पर अर्पण करना चाहिए। बेलपत्र हमेशा उल्टा (चिकना भाग शिवलिंग के ऊपर) ही अर्पण करना चाहिए। कभी भी सोमवार , संक्राति या अमावस्या को बेलपत्र नहीं तोडना चाहिए। व्रत सम्पन्न करने के लिए सूर्यास्त से पूर्व ही भगवान शिव की पूजा करके भोजम कर लेना चहिये।

प्रश्न:- क्या भगवान शिव नशे का सेवन करते थे ?


उत्तर:- जी नहीं, भगवान शिव कभी भी नशे का सेवन नहीं करते थे। यह पूर्ण रूप से असत्य है। वे भांग या चिलम जैसी किसी भी वस्तु का उपयोग नहीं करते थे। उन्होंने केवल एक बार सम्पूर्ण सृष्टि की रक्षा करने के लिए ही विष पिया था। अत: किसी भी देवता के लिए ऐसी बात कहना, उनका अपमान करने के समान होता है।

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