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रक्षाबन्धन

Hindu Cultures, Religion, Festivals

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भारत में हर त्यौहार का अपना महत्व होता है। ऐसे ही रक्षाबंधन का त्यौहार भावनाओ और संवेदनाओ का त्यौहार है। इस त्यौहार में भाई बहनों की एक दूसरे से बहुत सी आशायें जुडी होती है। रक्षाबन्धन एक हिन्दू पर्व है, जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। रक्षाबन्धन में राखी का सबसे अधिक महत्त्व है। राखी कच्चे धागे से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे व सोने-चाँदी के धागे तक किसी भी प्रकार के धागे से मनाई जा सकती है। रक्षाबंधन भाई बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध व पवित्र त्योहार है, रक्षाबंधन का मतलब है – “रक्षा का मतलब सुरक्षा और बंधन का मतलब बाध्य है “। रक्षाबंधन के दिन बहने भगवान से अपने भाईयों की तरक्की के लिए प्रार्थना करती है।

रक्षाबंधन से पहले ही बाजार मे कई सारे उपहार बिकने शुरू हो जाते हैं। उपहार और नए कपड़े खरीदने के लिए बाज़ार मे लोगों की भीड होती है। घर मे मेहमानों का आना जाना रहता है। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों को राखी बांधती हैं, बदले में भाई उन्हें उपहार देते हैं तथा उनकी रक्षा करने का वचन। रक्षाबंधन एक ऐसा त्योहार है जो भाई बहन के प्यार को और मजबूत बनाता है।

Raksha Bandhan 2020 Date Muhurat And Vidhi - Raksha Bandhan 2020 ...

पौराणिक कथा

जब कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया तब उनकी तर्जनी में चोट आ गई। द्रौपदी ने उस समय अपनी साड़ी फाड़कर उनकी उँगली पर पट्टी बाँध दी। यह श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था। कृष्ण ने इस उपकार का बदला बाद में चीरहरण के समय उनकी साड़ी को बढ़ाकर चुकाया। मान्यता है की इसी प्रसंग के बाद से रक्षाबंधन का यह पर्व शुरू हुआ।

विधि –

इस दिन बहनें अपने भाई को राखी बांधने तक व्रत का पालन करती हैं। कुछ भाई भी इस व्रत का पालन करते। हैं। सुबह जल्दी स्नान करके लड़कियाँ और महिलाएँ पूजा की थाली सजाती हैं। थाली में राखी के साथ रोली, चावल, दीपक और मिठाई भी होते हैं। लड़के और पुरुष तैयार होकर टीका करवाने के लिये पूजा या किसी उपयुक्त स्थान पर बैठते हैं। पहले लड़कियों द्वारा पूजा की जाती है, इसके बाद रोली से भाई का टीका करके चावल को टीके पर लगाया जाता है और सिर पर छिड़का जाता है, उसकी आरती उतारी जाती है, दाहिनी कलाई पर राखी बाँधी जाती है, इसके बाद भाई बहन को उपहार या धन देता है। इस प्रकार रक्षाबन्धन की विधि को पूरा करने के बाद ही भोजन किया जाता है।

भोजन –

हर त्यौहार की तरह रक्षाबंधन पर भी खाने-पीने का विशेष महत्व होता है। आमतौर पर दोपहर का भोजन महत्त्वपूर्ण होता है, इस दिन खाने में “जवों” का विशेष महत्व होता है। इस दिन घरों में नमकीन जवे व मीठे जवे बनते हैं। साथ ही छोले बनाने की भी परम्परा है। इस दिन की विशेष मिष्ठान “घेवर” होता है।

तिथि –

सन 2020 में रक्षाबंधन – “03 – अगस्त – 2020” तारिक को मनाया जाएगा।

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One Response

  1. I am an mother who is 38 years old thank you.

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