September 26, 2020

शिव जी की आरती

भगवान शिव जी की आरती यहाँ पढ़ें। भगवान शिव परम पूज्य हैं। शिव चालीसा पड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। शिव जी की आरती :-

ॐ जय शिव ओंकारा, भज जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

ॐ जय शिव ओंकारा


एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।

हंसासन गरूड़ासन, वृषवाहन साजे॥

ॐ जय शिव ओंकारा


शिव जी की आरती

दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज अति सोहे।

त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे॥

ॐ जय शिव ओंकारा


अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी।

त्रिपुरारी कंसारी, कर माला धारी॥

ॐ जय शिव ओंकारा


श्वेताम्बर पीताम्बर, बाघम्बर अंगे।

सनकादिक गरुणादिक, भूतादिक संगे॥

ॐ जय शिव ओंकारा


कर के मध्य कमण्डलु, चक्र त्रिशूल धर्ता।

सुखकारी दुखहारी, जगपालन कारी॥

ॐ जय शिव ओंकारा


ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, जानत अविवेका।

प्रणवाक्षर में शोभित, ये तीनों एका॥

ॐ जय शिव ओंकारा


त्रिगुण स्वामी जी की आरती, जो कोई नर गावे।

कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपति पावे॥

ॐ जय शिव ओंकारा


ॐ जय शिव ओंकारा, भज जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

ॐ जय शिव ओंकारा

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