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दुर्गा जी की आरती

दुर्गा जी की आरती यहाँ पढ़ें। यहाँ पर आप सम्पूर्ण – दुर्गा जी की आरती का पाठ कर सकते हैं। जय अम्बे गौरी, मैया जय मंगल मूर्ति । तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ॐ जय अम्बे गौरी ॥ मांग सिंदूर बिराजत, टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना ,चंद्रबदन नीको ॥ॐ जय अम्बे गौरी॥…
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दुर्गा चालीसा

माता रानी के आशीर्वाद से यह दुर्गा चालीसा पाठकों के लिए लाभदायक हो। माँ दुर्गा चालीसा का सम्पूर्ण पाठ यहाँ करें। दुर्गा चालीसा नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो अम्बे दुःख हरनी। निरंकार है ज्योति तुम्हारी, तिहूं लोक फैली उजियारी। शशि ललाट मुख महाविशाला, नेत्र लाल भृकुटि विकराला। रूप मातु को अधिक सुहावे, दरश…
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शिव जी की आरती

भगवान शिव जी की आरती यहाँ पढ़ें। भगवान शिव परम पूज्य हैं। शिव चालीसा पड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। शिव जी की आरती :- ॐ जय शिव ओंकारा, भज जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा एकानन चतुरानन, पंचानन राजे। हंसासन गरूड़ासन, वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा दो…
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शिव चालीसा

भगवान शिव के आशीर्वाद से यह “शिव चालीसा” पढ़ने व सुनने वालों के लिए कल्याणकारी हो। सम्पूर्ण शिवा चालीसा का पाठ यहाँ करें. दोहा श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ चौपाई जय गिरिजा पति दीन दयाला, सदा करत सन्तन प्रतिपाला। भाल चन्द्रमा सोहत नीके, कानन कुण्डल नागफनी के॥…
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हनुमान चालीसा / Hanuman Chalisa

सम्पूर्ण हनुमान चालीसा , यहाँ पर आसानी से हनुमान चालीसा का पाठ करें।  दोहा  श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधार।  बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चार ।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौ पवन कुमार । बल बुद्धि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेस बिकार ।। चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर,जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।राम…
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हनुमान जी की आरती / Hanuman ji ki Aarti

हनुमान जी की सम्पूर्ण आरती , यहाँ पढ़ें हनुमान जी की पूरी आरती आरती कीजे हनुमान लला की,  दुष्ट दालान कला की।  जाके बल से गिरिवर कापें, रोग दोष जाके निकट ना झांके।  अंजनी पुत्र महा बलदाई, संतान के प्रभु सदा सहाई।। आरती कीजे हनुमान लला की । दे बीरा रघुनाथ पठाए, लंका जारी सिया सुधि…
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आरती गणेश जी की / Ganesh JI Aarti

जै गणेश जी महाराज की  हे परमकृपालु अपनी कृपादृष्टि से सम्पूर्ण जगत का कल्याण करें, प्रभु   जै गणेश जी महाराज की  जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।  माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।। ॐ ।। पान चढ़े, फूल चढ़े, और चढ़े मेवा।  लड्डुअन का भोग लागे, संत करें सेवा।। ॐ ।। एक दन्त, दया वंत, चार…
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